bewafa shayari sms

प्यार किसीसे जितना किया रुसवाई ही मिली,
वफा चाहे जितनी भी की बेवफाई ही मिली,
जितना भी किसी को अपना समझा हमने,
जब आँख खुली तो हमेँ तन्हाई ही मिली!









सेहेमे सेहेमे से रेहेते लोग यहा
जान हथेली पे लेके चलते लोग यहा
देख किसने बेची सासे इनकी
मौत चीज़ो सी खरीदते लोग यहा
जाने कौन निकले इसमे बेईमान
काफिलोमे भी तन्हा दिखते लोग यहा
रात सन्नाटे मे कटती अकसर
अपनी आवाज़ से चोकते लोग यहा
केसे कोई एक दूजे पे करले यकीन
पल पल मे चेहरा बदलते लोग यहा

Comments

Popular posts from this blog

पत्थरों के टूटने पर क्यों रोते हो-दीपकबापूवाणी-(Pattharon ki tootne par kyon rote ho-DeepakBapuWani)

भूख से ज्यादा थोपा गया मौन सताता है-छोटी हिन्दी कवितायें तथा क्षणिकायें (Bhookh se Jyada Thopa gaya maun satata hai-ShortHindiPoem)